खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने दून मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की मेस व कैफेटेरिया पर औचक छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान हॉस्टल के स्टोर रूम में कॉकरोच रेंगते मिले, खिड़कियों और दरवाजों पर जाली न होने से मक्खी-मच्छरों का भारी प्रकोप दिखा, और व्यवस्थाओं के जो हाल मिले, उन्हें देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
यही नहीं कैटरर्स का वैध खाद्य लाइसेंस भी मौके पर नहीं मिला। खाद्य अधिकारियों ने मेस से खुली हल्दी, दही और तैयार छोले के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे है। इसके अलावा दून मेडिकल कॉलेज के कैफेटेरिया के किचन में भी कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और पानी की जांच से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी ने देवभूमि यूनिवर्सिटी के किचन का निरीक्षण किया गया। यहां भी खाद्य लाइसेंस, कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस और पानी की जांच रिपोर्ट मौके पर नदारद मिली। निरीक्षण के दौरान दाल मखनी मसाला, राजमा मसाला, तैयार अरहर दाल, पालक आलू सब्जी और नंदा की चौकी स्थित एक अन्य प्रतिष्ठान से पनीर का नमूना जांच के लिए लिया गया। अभियान के दौरान कुल 10 संदिग्ध नमूने एकत्रित किए गए, जिन्हें राज्य खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

