उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा उत्तराखंड के गैर-बफीले इलाकों में जनगणना 1 दिसंबर से शुरू होगी और 4 जनवरी 2027 तक चलेगी। इससे पहले 16 से 30 नवंबर तक लोगों को स्वयं गणना की सुविधा दी जाएगी।जनगणना के लिए पांच जनवरी 2027 की मध्यरात्रि 12 बजे को संदर्भ तिथि निर्धारित किया गया है। इसके आधार पर राज्य में आबादी से संबंधित आंकड़े दर्ज किए जायगा। जिसके चलते, महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त ने चुनाव में जाने वाले राज्यों में जनसंख्या की गणना का कार्य, चुनाव से पहले करने का निर्णय लिया है।
इसके चाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक दोबारा जांच का चरण चलेगा। अधिसूचना के मुताबिक, गोवा, यूपी, पंजाब और उत्तराखंड के गैर-बर्फीले इलाकों के लिए जनगणना की संदर्भ तारीख 5 जनवरी 2027 की रात 12 बजे होगी। इस समय की स्थिति को जनगणना को आंकड़ों का आधार माना जाएगा।
संबंध में भारत सरकार ने गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, केंद्रीय सरकार, जनगणना नियम, 1990 के नियम 6क और 6घ के साथ पठित जनगणना अधिनियम, 1948 (1948 का 37) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, ये घोषणा की गई हैं कि गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड राज्य के हिमाच्छादित क्षेत्रों से अलग क्षेत्रों में जनसंख्या की जनगणना 1 दिसंबर, 2026 से 4 जनवरी, 2027 तक की जाएगी।
जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की सुविधा 16 से 30 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके माध्यम से पात्र नागरिक निर्धारित अवधि में स्वयं अपना विवरण दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद शुरू होने वाली जनसंख्या गणना में घर-घर जाकर विवरण का सत्यापन और संकलन किया जाएगा।
