जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए बनी 3 सदस्यीय कमेटी

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के नोटिस को स्वीकार कर लिया और उनके खिलाफ आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार, मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वीबी आचार्य शामिल हैं।

लोकसभा के कम से कम 149 सांसदों और राज्यसभा के 63 सांसदों ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ दो अलग-अलग महाभियोग नोटिसों पर हस्ताक्षर किए थे। जिससे जज को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। जस्टिस वर्मा पर दिल्ली स्थित उनके घर से कैश बरामद होने के बाद भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।

जस्टिस वर्मा को भ्रष्टाचार के आरोपों में पद से हटाने का प्रस्ताव तत्कालीन चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजा था। जुलाई में लोकसभा में उन्हें पद से हटाने के लिए महाभियोग के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।