मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योग गुरु बाबा रामदेव और अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित सम्मेलन का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसी कथाएं समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक जागरूकता का संचार करती हैं। देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक अस्मिता, आध्यात्मिक पहचान एवं सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता व भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और संत समाज का आशीर्वाद राज्य को हमेशा मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ मेले को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
