वन्यजीवों के संरक्षण और तस्करी रोकने की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग को अपने ही स्टोर में रखे हाथी दांतों के गायब होने की भनक तक नहीं लगी। लंबे समय तक वन्यजीवों के इन महत्वपूर्ण अवशेषों का रिकॉर्ड और वास्तविक उपलब्धता मिलाने की जरूरत तक महसूस नहीं की गई।
वन्यजीवों की सुरक्षा और तस्करी रोकने की जिम्मेदारी संभालने वाले वन विभाग की अपनी सुरक्षा व्यवस्था ही सवालों के घेरे में है। रेंज कार्यालय के स्टोर से हाथी के दांत गायब होने का मामला सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
नीना ग्रेवाल के पास प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव के साथ ही प्रतिनियुक्ति वाले पद पर उत्तराखंड वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी है। दोहरी जिम्मेदारी के चलते उनके पास विभागीय कामकाज का दबाव अधिक रहता है। इस तरह एक ही अधिकारी के पास दो महत्वपूर्ण संस्थानों की जिम्मेदारी होने को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

