दीक्षांत समारोह में प्रथम दिवस मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल उपस्थित रहे। जबकि बतौर विशिष्ट अतिथि चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि शामिल हुए। इस वर्ष संस्थान के कुल 2,701 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गई। पहले दिन परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा और डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को जीवन के मूल मंत्र दिए। साथ ही उनसे अपने जीवन के अनुभव साझा किए। एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि जीवन में इन तीन बातों को जान लिया जाए तो मंजिल तक पहुंचने में कोई मुश्किल नहीं है।
आईआईटी के छात्रों को जीवन के तीन मंत्र दिए। पहला- इंसान को यह पता होना चाहिए कि वह मानचित्र में कहां खड़ा हैं। दूसरा- उसको जाना कहां है। और तीसरा- वहां जाने और वहां से आने का रास्ता क्या है। डोभाल ने छात्रों को बताया कि यह तीन मंत्र उन्होंने एक शेरपा से सीखे जब वो करियर के शुरुआती दिनों में सिक्किम में तैनात थे।
युवा शक्ति को अपनी ऊर्जा और क्षमताओं का प्रयोग देश हित में करना चाहिए। साथ ही उन्होंने जीवन में अनुशासन और नैतिक मूल्यों को महत्वपूर्ण बताया। एनएसए ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं दी।
