केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट और हेमकुंड रोपवे प्रोजेक्ट को केंद्र से मंजूरी मिल गई है। 12.9 किलोमीटर लंबे केदारनाथ रोपवे का निर्माण लगभग 4,081 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय से किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, इसका बड़ा फायदा यह होगा वर्तमान में यात्रा में 8-9 घंटे का समय लगता है, लेकिन रोपवे बनने के बाद यह समय घटकर 36 मिनट रह जाएगा। इसमें 36 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।
रोपवे परियोजना निर्माण और संचालन के साथ-साथ आतिथ्य, यात्रा, खाद्य और पेय पदार्थ (एफ एंड बी) और पर्यटन जैसे संबद्ध पर्यटन उद्योगों में पूरे साल रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराएगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह प्रोजेक्ट PPP मॉडल पर हैं। रोपवे का कार्य पूरा होने में 4 से 6 साल लगेंगे। हम इन योजनाओं को बहुत बारीकी से देखते हैं। खच्चर वालों का ध्यान रखा है। इससे उनकी आमदनी में इजाफा होगा।
केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा गौरीकुंड से 16 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और वर्तमान में पैदल, पालकी और हेलीकॉप्टर से की जाती है। सुरक्षित और किफायती होने की वजह से यात्री रोपवे या केबिल कार के माध्यम से यात्रा करना ज्यादा पसंद करेंगे।
